सिमडेगा जिला अपनी प्राकृतिक सुंदरता के लिए पहले से ही जाना जाता है। अब यहां का प्रसिद्ध केलाघाघ डैम साहसिक पर्यटन का नया हब बनने जा रहा है। हाल ही में यहां तीन दिवसीय एडवेंचर गतिविधियों का भव्य शुभारंभ हुआ, जिससे जिले को झारखंड के एडवेंचर टूरिज्म मैप पर नई पहचान मिलने लगी है।
केलाघाघ डैम के आसपास की पहाड़ियां, घने जंगल और विशाल जलराशि साहसिक खेलों के लिए आदर्श स्थान हैं। इस आयोजन में चार प्रमुख गतिविधियां शामिल हैं—हिल हाइकिंग, रॉक क्लाइंबिंग, रैपलिंग और राफ्टिंग। प्रतिभागियों को पहाड़ियों पर ट्रैकिंग का मजा, ऊंची चट्टानों पर चढ़ने का रोमांच, नियंत्रित तरीके से रस्सी की मदद से नीचे उतरने का अनुभव और डैम की जलराशि में राफ्टिंग का मजा एक साथ मिलेगा।
उप विकास आयुक्त ने इस मौके पर कहा कि इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य युवाओं में साहसिक खेलों के प्रति रुचि पैदा करना, उनका आत्मविश्वास बढ़ाना और शारीरिक व मानसिक क्षमता को मजबूत करना है। जिला खेल पदाधिकारी मनोज कुमार ने बताया कि 15 वर्ष से अधिक आयु के छात्र-छात्राएं, एनसीसी कैडेट्स और आम नागरिक इसमें भाग ले सकते हैं। हर दिन 40 प्रतिभागियों के समूह बनाए जाते हैं, जिन्हें विशेषज्ञों और टूर गाइड की देखरेख में गतिविधियां करवाई जाती हैं।
प्रतिभागियों को नाश्ता, दोपहर का भोजन, बीमा कवर और सभी जरूरी उपकरण पूरी तरह मुफ्त उपलब्ध कराए जा रहे हैं। गतिविधियां सुबह 7 बजे से शाम 4 बजे तक चलती हैं।
यह पहल सिमडेगा की पर्यटन संभावनाओं को नया आयाम दे रही है। प्राकृतिक संपदा से भरपूर यह जिला अब सिर्फ घूमने-फिरने का नहीं, बल्कि रोमांचक अनुभव लेने का भी केंद्र बन रहा है। इससे स्थानीय युवाओं को रोजगार के नए अवसर मिलने की भी उम्मीद है।
केलाघाघ डैम अब झारखंड के उन जगहों में शामिल हो गया है, जहां प्रकृति और एडवेंचर एक साथ मिलते हैं। अगर आप रोमांच के दीवाने हैं तो सिमडेगा जरूर घूमने जाएं।
(स्रोत: आईपीआरडी झारखंड एवं मुख्यमंत्री कार्यालय, झारखंड)




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